प्रयागराज ब्यूरो। प्रयागराज के यमुनापार इलाके में देर रात गो-तस्करी की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां गोवंशों से भरी एक अनियंत्रित पिकअप वैन ने पुलिस चेकिंग बैरिकेड तोड़ते हुए पुलिस कर्मियों को कुचलने का प्रयास किया। पुलिस की तत्परता और जवाबी कार्रवाई में वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसके बाद पुलिस ने दो कुख्यात तस्करों को हथियारों सहित धर दबोचा। वैन में क्रूरतापूर्वक बांधकर ले जाए जा रहे 8 गोवंशों को सकुशल मुक्त कराकर गौशाला भेजा गया।
घटना का विस्तृत ब्योरा और पुलिस की रणनीति
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खुफिया सूचना मिली थी कि अंतरराज्यीय गो-तस्करों का एक गिरोह प्रयागराज के रास्ते बिहार और पश्चिम बंगाल की ओर गोवंश की अवैध तस्करी करने की फिराक में है। सूचना के आधार पर हाईवे पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया था। रात लगभग 2 बजे संदिग्ध पिकअप को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने गति तेज कर सीधे पुलिस जीप और जवानों पर गाड़ी चढ़ा दी।
पुलिस कर्मियों ने फुर्ती से कूदकर जान बचाई और तुरंत पीछा शुरू किया। लगभग 4 किलोमीटर के पीछा करने के बाद आरोपियों की गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई। पुलिस दल पर गोलीबारी करने की कोशिश में एक तस्कर घायल हुआ, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
“गो-तस्करी और पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमले को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपियों के पूरे सिंडिकेट और वित्तीय स्रोतों की जांच कर गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
— पुलिस उपायुक्त, प्रयागराज
कार्रवाई के मुख्य पहलू और बरामदगी
- 8 गोवंश सुरक्षित मुक्त: पिकअप में अमानवीय स्थिति में बांधे गए गोवंशों को स्थानीय संरक्षित गौशाला में भर्ती कराया गया।
- अवैध हथियार और वैन जब्त: घटनास्थल से तमंचा, कारतूस और तस्करी में प्रयुक्त वाहन बरामद किए गए।
- अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा: प्रारंभिक पूछताछ में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती तस्करों के तार जुड़े मिले।
- कठोर कानूनी प्रावधान: गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण कानून और हत्या के प्रयास की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज।
गो-संरक्षण और कानून व्यवस्था की प्रतिबद्धता
उत्तर प्रदेश सरकार की अपराध और माफियाओं के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत गो-तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने का अभियान जारी है। पुलिस अब इस गिरोह के मददगारों और फंडिंग नेटवर्क की तलाश कर रही है ताकि जड़ों तक प्रहार किया जा सके।
राष्ट्रवाक् दृष्टि: गोवंश भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। तस्करों की इस तरह की दुस्साहसिक गतिविधियों पर सख्त दंडात्मक प्रहार समाज और कानून दोनों की पहली प्राथमिकता है।

