जगदलपुर/बस्तर ब्यूरो। घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के उन सीमांत गांवों में जहां आजादी के सात दशकों बाद भी शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता था, आज सौर ऊर्जा की रोशनी ने नई सुबह ला दी है। क्रेडा (CREDA) और सौर ऊर्जा स्टार्टअप्स के प्रयासों से ऑफ-ग्रिड सोलर मिनी ग्रिड संयंत्रों के माध्यम से सैकड़ों वनांचल गांवों के हर घर तक 24 घंटे स्वच्छ बिजली पहुंचाई गई है। इस उजाले ने केवल बल्ब नहीं जलाए, बल्कि आदिवासियों के जीवन में उम्मीदों के नए द्वार खोल दिए हैं।
लाल आतंक के साए से विकास के उजाले तक
ये वे इलाके हैं जो कभी नक्सली हिंसा और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के लिए जाने जाते थे। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पारंपरिक बिजली के खंभे और तार लगाना लगभग असंभव था। सौर ऊर्जा की डिसेंट्रलाइज्ड तकनीक ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला।
अब गांव के प्राथमिक विद्यालयों में सौर ऊर्जा से कंप्यूटर और स्मार्ट टीवी चल रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में दवाएं सुरक्षित रखने के लिए सोलर रेफ्रिजरेटर उपलब्ध हैं। शाम के समय बच्चे लालटेन के धुएं से मुक्त होकर पंखे की ठंडी हवा में पढ़ाई कर रहे हैं।
“पहले रात होते ही जंगली जानवरों और सांप-बिच्छू का डर रहता था। आज हमारे गांव की गलियों में सोलर लाइटें जलती हैं और बच्चे रात में पढ़ पाते हैं। यह हमारे लिए सपने जैसा है।”
— मंडावी कोसा, ग्राम पटेल, बस्तर
सोलर क्रांति से वनांचल में आए प्रमुख बदलाव
- डिजिटल शिक्षा की शुरुआत: सुदूर वनांचल के आदिवासी बच्चे अब स्मार्ट क्लासरूम में डिजिटल पाठ्यक्रम पढ़ रहे हैं।
- स्थानीय स्वरोजगार: सौर ऊर्जा से चलने वाली आटा चक्की, धान कुटाई मशीन और सिलाई केंद्रों से महिलाओं की आमदनी बढ़ी।
- मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी: सौर टावरों से संचार क्रांति सुदूर जंगलों तक पहुंची, जिससे सरकारी योजनाओं की जानकारी सुलभ हुई।
- जंगली जानवरों के हमलों में कमी: गलियों और खेतों के किनारों पर रोशनी रहने से रात के समय सुरक्षा सुनिश्चित हुई।
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का मॉडल
यह परियोजना न केवल आदिवासियों के जीवन स्तर को सुधार रही है, बल्कि जंगलों को काटे बिना शत-प्रतिशत हरित ऊर्जा प्रदान कर पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
राष्ट्रवाक् दृष्टि: जब विकास का प्रकाश समाज के अंतिम व्यक्ति और दुर्गम जंगलों तक पहुंचता है, तभी सच्चे अर्थों में अंत्योदय का संकल्प सिद्ध होता है।


