JNU यौन उत्पीड़न मामले में एक्शन: आरोपित प्रोफेसर तत्काल प्रभाव से बर्खास्त, जांच तेज

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में घिरे प्रोफेसर को जांच समिति की रिपोर्ट के बाद तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर कठोर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

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Oct 10, 2026, 07:06 pm IST
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नई दिल्ली डेस्क। देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में शोध छात्राओं द्वारा एक वरिष्ठ प्रोफेसर के विरुद्ध लगाए गए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लेते हुए आरोपी प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की त्वरित और निष्पक्ष जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्यकारी परिषद ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया। साथ ही मामले की प्राथमिकी पुलिस में दर्ज कराई गई है।

परिसर में महिला सुरक्षा और जीरो टॉलरेंस नीति

जेएनयू प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक परिसरों में किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार, उत्पीड़न या पद के दुरुपयोग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि प्रोफेसर अपने पद और शोध निर्देशक होने का अनुचित लाभ उठाकर उन पर अनैतिक दबाव बना रहे थे।

छात्राओं द्वारा शिकायत दर्ज कराने के 48 घंटे के भीतर जांच समिति ने साक्ष्यों, डिजिटल चैट्स और गवाहों के बयानों का परीक्षण कर अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में आरोपों को प्रथम दृष्टया सत्य पाया गया, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई की गई।

“विश्वविद्यालय परिसर ज्ञान, विचार और गरिमा का पावन मंदिर है। छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति को चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।”

— कुलपति कार्यालय, जेएनयू

कार्रवाई के मुख्य बिंदु और जांच प्रक्रिया

  • तत्काल सेवा समाप्ति: कार्यकारी परिषद की आपात बैठक में प्रोफेसर को सभी शैक्षणिक व प्रशासनिक दायित्वों से बर्खास्त किया गया।
  • परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित: जांच पूरी होने तक आरोपी प्रोफेसर के विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर पूर्ण रोक लगाई गई।
  • पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज: कानून सम्मत धाराओं में पुलिस जांच शुरू, पीड़ित छात्राओं को पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन।
  • पीड़िता सहायता डेस्क सक्रिय: छात्राओं को मानसिक संबल और कानूनी सहायता के लिए विशेष काउंसलिंग सेल का गठन।

शैक्षणिक संस्थानों के लिए कड़ा संदेश

यह त्वरित कार्रवाई देश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक नजीर बनेगी। छात्राओं के लिए भयमुक्त और सम्मानजनक वातावरण तैयार करना हर शैक्षणिक संस्थान की पहली प्राथमिकता होना चाहिए।

राष्ट्रवाक् दृष्टि: ज्ञान के मंदिरों में शुचिता और नारी सम्मान की रक्षा सर्वोपरि है। जेएनयू प्रशासन की यह सख्त कार्रवाई न्याय और सुरक्षा का भरोसा जगाती है।

Rastrawak editorial desk reporting on national perspective, culture, literature, and news.

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